PM फसल बीमा योजना 2026: अब गलत फसल दर्ज होने पर बैंकों की होगी जिम्मेदारी, किसानों को मिलेगी ज्यादा सुरक्षा

06 Aug 2026 · Tractor Kharido Team

PM फसल बीमा योजना 2026

PM फसल बीमा योजना 2026: गलत फसल दर्ज होने पर बैंकों की होगी जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को लेकर राजस्थान के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार ने खरीफ 2026 और रबी 2026-27 सीजन के लिए योजना में कुछ ऐसे बदलाव किए हैं, जो लंबे समय से किसानों की सबसे बड़ी शिकायत का हल निकालते नज़र आ रहे हैं — पोर्टल पर गलत फसल दर्ज होने की समस्या।

अब तक होता यह था कि खेत में बोई गई फसल कुछ और होती थी, और राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर दर्ज कुछ और। नुकसान होने पर जब किसान क्लेम लेने पहुंचता था, तो यही गड़बड़ी उसके भुगतान में सबसे बड़ी रुकावट बन जाती थी। नए निर्देशों के बाद यह जिम्मेदारी अब किसान की नहीं, बल्कि जानकारी दर्ज करने वाले बैंक और वित्तीय संस्थान की मानी जाएगी।

आखिर बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी

खेतों की हकीकत और पोर्टल के रिकॉर्ड में फर्क की जड़ में अक्सर एक ही वजह रही है — बहुत सी जगहों पर बीमा पॉलिसी किसान से पूछे बिना, सिर्फ उसके किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) में दर्ज फसल के आधार पर बना दी जाती थी। किसान को कई बार पता भी नहीं चलता था कि उसकी किस फसल का बीमा हुआ है, जब तक नुकसान की स्थिति में क्लेम अटक न जाए। कृषि विभाग ने माना है कि यही गड़बड़ी दावों में सबसे ज्यादा विवाद की वजह बनी।

अब बैंकों को निभानी होगी सीधी जिम्मेदारी

कृषि आयुक्त की तरफ से राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, अपेक्स बैंक, राजस्थान ग्रामीण बैंक, सहकारी समितियों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को इस बारे में सीधे निर्देश भेजे गए हैं। अब पोर्टल पर एंट्री करते समय इन बातों का ध्यान रखना अनिवार्य होगा:

  • किसान की भूमि का रिकॉर्ड पूरी तरह सही दर्ज किया जाए
  • खेत में असल में बोई गई या प्रस्तावित फसल की जानकारी ही अपलोड हो
  • पॉलिसी जारी करने से पहले किसान से सहमति ली जाए
  • सिर्फ KCC में दर्ज फसल के आधार पर अपने-आप पॉलिसी न बने

अगर इनमें से किसी भी बात की अनदेखी होती है और आगे चलकर क्लेम को लेकर विवाद खड़ा होता है, तो जवाबदेही संबंधित बैंक या संस्था की होगी, किसान की नहीं।

किसान की मंजूरी अब अनिवार्य शर्त

इस बदलाव का सबसे अहम हिस्सा यही है — अब किसान की जानकारी और सहमति के बिना कोई भी फसल बीमा पॉलिसी जारी नहीं की जा सकेगी। पॉलिसी में दर्ज फसल और खेत की असल फसल में कोई अंतर मिलता है, तो इसका बोझ किसान पर नहीं डाला जाएगा। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

आवेदन की तारीख अब 16 अगस्त 2026 तक

जो किसान अभी तक किसी वजह से आवेदन नहीं कर पाए थे, उनके लिए भी अच्छी खबर है। खरीफ 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर अब 16 अगस्त 2026 कर दी गई है। किसान इन माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं:

  • राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल
  • नजदीकी बैंक शाखा
  • सहकारी समिति
  • कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
  • अधिकृत वित्तीय संस्थान

देशव्यापी हेल्पलाइन नंबर 14447 पर भी योजना से जुड़ी जानकारी और मदद ली जा सकती है।

योजना अब तक कहां पहुंची

फसल बीमा माह (1-31 जुलाई) के तहत जारी आंकड़ों के मुताबिक, PMFBY अपने 10 साल पूरे कर चुकी है और अब तक 92 करोड़ से ज्यादा किसान आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 25 करोड़ से अधिक किसानों को योजना का सीधा लाभ मिला है। अब तक ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा की क्लेम राशि किसानों को भुगतान की जा चुकी है, और दावा भुगतान की प्रक्रिया को राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल के जरिए और तेज व पारदर्शी बनाया जा रहा है।

किसानों के लिए क्या सलाह है

कृषि विभाग की सलाह साफ है — अंतिम तारीख का इंतजार न करें। आवेदन करते वक्त भूमि, फसल और बाकी सभी जानकारी को खुद भी ध्यान से जांच लें, ताकि आगे चलकर किसी दस्तावेज या तकनीकी दिक्कत से जूझना न पड़े। अगर पॉलिसी या आवेदन में फसल का ब्योरा गलत दिखे, तो तुरंत बैंक, वित्तीय संस्था या कृषि विभाग से संपर्क कर सुधार करवाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. PMFBY 2026 में सबसे बड़ा बदलाव क्या है?

अब पोर्टल पर गलत फसल, भूमि या अन्य विवरण दर्ज होने और इससे क्लेम में विवाद होने पर जिम्मेदारी संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था की होगी, किसान की नहीं।

2. क्या किसान की सहमति के बिना अब भी पॉलिसी बन सकती है?

नहीं। नए नियम के तहत किसान की जानकारी और मंजूरी के बिना कोई पॉलिसी जारी नहीं होगी।

3. खरीफ 2026 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?

16 अगस्त 2026, जो पहले 31 जुलाई 2026 थी।

4. आवेदन कहां-कहां से किया जा सकता है?

राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल, नजदीकी बैंक शाखा, सहकारी समिति, कॉमन सर्विस सेंटर और अधिकृत वित्तीय संस्थानों से।

5. फसल का ब्योरा गलत दिखे तो क्या करें?

तुरंत संबंधित बैंक, वित्तीय संस्था या कृषि विभाग से संपर्क कर रिकॉर्ड सुधरवाएं, ताकि क्लेम के समय कोई परेशानी न आए।

यह जानकारी सरकारी निर्देशों और आधिकारिक घोषणाओं पर आधारित है। ट्रैक्टर खरीदो पर हम किसानों तक कृषि योजनाओं और मशीनरी से जुड़ी हर जरूरी अपडेट पहुंचाने का प्रयास करते रहते हैं।

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